Posts

Story of 26/11 (26 November 2008)

Image
26  नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने मासूमों की हत्या कर आतंक का नंगा नाच दिखाया । आज इस आतंकी हमले की 9वीं  बरसी है। आतंकी हमला करने वालों में एक को ज़िंदा पकड़ा गया जिसका नाम था अजमल कसाब। पाकिस्‍तान में बैठे आतंकियों के आकाओं ने इस हमले को अंजाम देने के लिए पहले इन सभी आतंकियों को पूरी ट्रेनिंग दी थी। हमले के करीब चार वर्ष बाद 21 नवंबर, 2012 को पुणे के यरवडा जेल में सुबह साढ़े सात बजे आतंकी अहमल कसाब को फांसी दे दी गई। लेकिन इस हमले की साजिश रचने वाले आतंकी आज भी पाकिस्‍तान में खुले घूम रहे हैं। इनका सबसे बड़ा चेहरा आतंकी हाफिज सईद है जिसको पाकिस्‍तान की जेल से एक दिन पहले ही रिहा किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात के जरिए इस दिन को याद किया और आतंकवाद को न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चुनौती बताया है। आईये टाइमलाइन के जरिए जानते हैं इसकी पूरी दास्तां :- 26 नवंबर, 2008: अजमल कसाब और नौ आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला किया। हमले में 166 लोग मारे गए। 27 नवंबर, 2008: अजमल कसाब गिरफ्तार। 30 नवंबर, 2008: कसाब ने पुलिस हिरासत ...

दशहरा पर्व

Image
।।आओ मिलकर मनाये दशहरा महोत्सव , करे एक संकल्प , करे एक बुराई का खात्मा , करे बुराई पर अच्छाई की जीत,।। दशहरा भगवान श्री राम की रावण विजय वा माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध अर्थात बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में मनाया जाता है । मान्यता है कि , आज के दिन से कोई भी अच्छा काम शुरू करो सफलता मिलती हैं , पुराने ज़माने में राजा भी आज के दिन भगवान से रण क्षेत्र में विजय कामना करते थे । वर्तमान समाज में कई बुराइयां छिपी हुई हैं , जैसे लूटपाट, छोरी ,छल कपट, भाई भाई में तकरार , छेड़छाड़ इत्यादि. अगर देखा तो एक समस्या सबसे अधिक है, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ , और यह समस्या इतनी बड़ी है इसे न हम कम कर सकते न कोई सरकार कम कर सकती ,क्योंकि यह एक मानसिक अवसाद हैं अर्थात मन की कटुता ,मन की गंदगी, कहे तो एक नकारात्मक सोच है, इस नकारात्मक सोच को किसी कानून से नही रोक जा सकता,इसके लिए या तो मन का मेल/ गंदगी/ नकारात्मक सोच अलग करनी पडेगी , जिसके लिए खुद की सोच बदलनी पड़ेगी , या तो फिर इन गंदे दिमागों में डर पैदा करके ही इसे रोका जा सकता है, अब देखो अपनी सोच है हम बदल सकते है खुद से लेकिन खुद एक के...

👏 पर्यूषण पर्व👏

Image
                                                                पर्यूषण पर्व           पर्यूषण पर्व जैन धर्म का मुख्य पर्व है। श्वेतांबर इस पर्व को 8 दिन और दिगंबर संप्रदाय के जैन अनुयायी इसे दस दिन तक मनाते हैं।  उन्हें वे 'दसलक्षण' के नाम से भी संबोधित करते हैं। पर्यूषण पर्व का मूल उद्देश्य आत्मा को शुद्ध करके आवश्यक उपक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना होता है।   पर्यूषण पर्व के इस शुभ अवसर पर जैन संत और विद्वान समाज को पर्यूषण पर्व की दशधर्मी शिक्षा को अनुसरण करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।   इस दौरान कई जातक निर्जला व्रत भी करते हैं।                        दसलक्षण पर्व पर इन दस धर्मों को धारण किया जाता है। उत्तम क्षमा जब दो वस्तुएँ आपस में टकराती हैं, तब प्रायः आग पैदा होती है। ऐसा ही आदमी के जीवन में भी घटित होत...

दोस्ती वही जो दिखाई जाए,,,(हास्य व्यंग्य)

Image
आज के दौर की दोस्ती में प्रदर्शन जिस तरह सर्वाधिक प्रचलित मापदंड बन गया उस देखते  हुए सोचता हूं कि तब क्या होता जब महाभारत काल में इंटरनेट , tv, वगैरह होता । तब शायद कुछ ऐसा होता कि सुदामा श्री कृष्ण को ट्वीट के जरिये सूचित करते हे! बाल सखा मैं महल के बाहर प्रतिक्षरत हूं। ट्वीट मिलते ही श्रीकृष्ण के दरबार प्रमुख ने प्रभु को सूचना देने के पहले आनन फानन  सभी खबरिया चेनलों को संदेश भेज दिया होता । जल्द ही समस्त कैमरों का पूरा ध्यान सुदामा के बढ़ते कदमों पर होता । आंखों से एक बूंद भी गिरती तो लाइव प्रसारण होता , क्योंकि शायद आज की तरह एक एक आंसू टीआरपी का मोती उस युग में  भी होता । दुनिया भर में खबर फैलती की महल के द्वार से सुदामा  के प्रवेश की खबर मिलते ही प्रभु ने स्वयं उनकी आगवानी के लिए प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया । प्रभु अपने मित्र को भावुकता से गले लगा रहे हैं। सुदामा  के चरणों को धोया जा रहा है।  इस इस सबका  सीधा प्रसारण चल रहा होता। बैसे तो कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का बखान आज भी होता है, लेकिन पता नहीं क्यो आज के दोस्त लोग इसकी चर्चा नही...

🇮🇳स्वतंत्रता दिवस🇮🇳

Image
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 15 AUGUST  INDEPENDENCE DAY आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देखूं जब-जब लहराता तिरंगा,गुमान देश पर होता है  लिया जन्म जहां शूरवीरों ने ,सिर नतमस्तक हो जाता है क्या इंसान थे,किस मिट्टी के थे वो,क्या उन्हें जीवन से प्यार न था  उनकी भी कुछ इच्छाएं होंगी, क्या उनका कोई परिवार न था  समझा सब कुछ देश को अपने, जंग तभी तो जीत गए  दो सौ वर्ष की गुलामी छूटी ,अंग्रेजों के दिन बीत गए   उनके इस बलिदान को  क्या व्यर्थ यूंही जाने देंगे  क्यूं न हम ये कसम उठाएं,आंच देश पर न आने देंगे बच्चा-बच्चा बन जाए सैनिक,गर बुरी नजर दुश्मन डाले  हस्ती उसकी मिलाएं खाक में, करे कभी जो हमला वे  भाईचारा रखें परस्पर, अमन चैन का नारा हो  सद्भावना, शांति रखें दिलों में, जाति, धर्म का न बंटवारा हो  बनें पहिए प्रगति के रथ के,सबसे आगे बढ़ते जाएं कर दें रौशन नाम जहां में, देश का अपने मान बढ़ाएं आजादी की...

सुख का अध्यादेश

Image
     सुख का अध्यादेश राजा  हंसता है, खिलखिलाता तो प्रजा दुखी हो जाती। वो अच्छा पहनता-खाता तो दुखी! कोई योजना बनाता ,वादे करता ,सपने दिखता,अतीत में जाता, भविष्य बताता, पर सब दुखी । जब दुख का पानी सिर से ऊपर जाने लगता तो राजा ने आधी रात के बाद से सुखकल लगाने की घोषणा कर दी, किसी नागरिक को अब अब दुखी होने या दुखी होने की इजाजत नहीं थी  दुःख को उनके मौलिक अधिकार से हटा दिया गया था । जो बाकायदा यानी किसी आपदा या दुर्घटना के कारण दुखी होंगे उन्हें  राज्य मुआवजा देगा , लेकिन  इसके बाद भी दुःखी हुए तो सजा का प्रवधान है।  वेवजह दुखियारों या आदतन दुखियारों को टैक्स देना होगा । जो लोग इश्क़ में दुखी होंगे उन्हें न्याय करने वाली भीड़ को सौंपा जाएगा ।परिजन आदि की मौत पर उनके निकटतम लोगों को  तीन दिन दुखी होने की इजाजत होगी। बिना वजह रोने की इजाजत सिर्फ एक साल  के बच्चे तक को होगी।  जो लोग दुख के बल पर ज़िंदा रहते हैं, उन्हें दुखी होने का परमिट लेना होगा।                जो गरीब गरीबी का बहाना बना कर दु...

🇮🇳🇮🇳कारगिल जरा याद करो कुर्बानी🇮🇳🇮🇳

Image
                              26 जुलाई1999 26 जुलाई 1999 में हमारे जवानों ने कारगिल से पाक घुसपैठियों को खदेड़ा था। तब से यह दिन हर साल कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।।।     🇮🇳🇮🇳🇮🇳जय हिन्द की सेना🇮🇳🇮🇳🇮🇳 अंकित महेश कुमार जैन